Monday, 13 April 2015

मुन्ना बैंडवाले उस्ताद


" 'मुन्ना बैंडवाले उस्ताद' (भारतीय ज्ञानपीठ) से प्रकाशित संग्रह में संकलित)) उर्दू में अनूदित होकर "जहाने उर्दू " में छप गई है, मार्च अंक में।" मैं भी प्रसन्न हुआ ! अनुवाद किया है अफ़्शाँ बानो ने। उनका आभार ! सफ़दर इमाम कादरी को कहता हूँ फिर से - शुक्रिया !
अब उर्दू जाननेवाले दोस्त मेरी इस कहानी को बखूबी पढ़ सकते हैं। कह दूँ कि इस कहानी की ज़ेरॉक्स कॉपी खूब घूमती रही है 2001 में वागर्थ में छपने के बाद से।
जहाने उर्दू ' का अंक यहाँ देख सकते हैं : https://www.facebook.com/jahaneurdujournal/photos/a.425443674263438.1073741827.424443607696778/555301344611003/?type=1

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