नॉस्टैल्जिया
गद्य कोश में मेरी लम्बी कहानी देख सकते हैं । यह कहानी ' मुन्ना बैंडवाले उस्ताद 'में संकलित है।
आपकी प्रतिक्रिया प्रसन्नता देगी।
लिंक नीचे है :
http://www.gadyakosh.org/gk/%E0%A4%A8%E0%A5%89%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE_/_%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%A6%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2#.UswgePQW2ps
............आभास देर रात को घर लौटा । बोस्टन वाली घटना के बाद पहली बार वह इतनी देर बाहर रहा। सनफ्रांसिस्को की रात का नजारा करते हुए वह सोचता रहा ..." मैं यहाँ क्यों हूँ, किसलिए ? मुझे यहाँ क्यों होना चाहिए ? मुझे जीवन से क्या चाहिए ? मैं किसके लिए क्या कर रहा हूँ ? मैं यहाँ क्या आजीविका के लिए
हूँ ? मैं यहाँ सिर्फ पैसे के लिए हूँ - किसी भी कीमत पर कमाया गया पैसा ? पैसे की मुझे क्या दरकार, खाते-पीते परिवार के अकेले वारिस को कितना कुछ चाहिए अपने सभ्य-सुसंस्कृत अस्तित्व के लिए ? मैं देवयानी के लिए यह देश न छोड़ सका, क्या मैं सपना के लिए अपना देश छोड़ दूँ ?".............
गद्य कोश में मेरी लम्बी कहानी देख सकते हैं । यह कहानी ' मुन्ना बैंडवाले उस्ताद 'में संकलित है।
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............आभास देर रात को घर लौटा । बोस्टन वाली घटना के बाद पहली बार वह इतनी देर बाहर रहा। सनफ्रांसिस्को की रात का नजारा करते हुए वह सोचता रहा ..." मैं यहाँ क्यों हूँ, किसलिए ? मुझे यहाँ क्यों होना चाहिए ? मुझे जीवन से क्या चाहिए ? मैं किसके लिए क्या कर रहा हूँ ? मैं यहाँ क्या आजीविका के लिए
हूँ ? मैं यहाँ सिर्फ पैसे के लिए हूँ - किसी भी कीमत पर कमाया गया पैसा ? पैसे की मुझे क्या दरकार, खाते-पीते परिवार के अकेले वारिस को कितना कुछ चाहिए अपने सभ्य-सुसंस्कृत अस्तित्व के लिए ? मैं देवयानी के लिए यह देश न छोड़ सका, क्या मैं सपना के लिए अपना देश छोड़ दूँ ?".............
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