तिलिस्म
-शिवदयाल
री ...
तूने यह क्या जीया
कि जितना जीया
अपने ही खिलाफ जीया
री ...
तूने यह क्या सिरजा
कि जो भी सिरजा
अपने ही खिलाफ सिरजा
री ...
तूने यह कितना बरजा
कि जो भी बरजा
अपने ही खिलाफ बरजा
री ...
तोड़, अब
अपने ही खिलाफ
इस तिलिस्म को तोड़
अपने से भी अपने को जोड़ !
-शिवदयाल
री ...
तूने यह क्या जीया
कि जितना जीया
अपने ही खिलाफ जीया
री ...
तूने यह क्या सिरजा
कि जो भी सिरजा
अपने ही खिलाफ सिरजा
री ...
तूने यह कितना बरजा
कि जो भी बरजा
अपने ही खिलाफ बरजा
री ...
तोड़, अब
अपने ही खिलाफ
इस तिलिस्म को तोड़
अपने से भी अपने को जोड़ !
तोड़, अब
ReplyDeleteअपने ही खिलाफ
इस तिलिस्म को तोड़
bahut sundar...
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