मेरे उपन्यास' एक और दुनिया होती ' का मराठी संस्करण ' केला होता अट्टहास ' । इसे साधना प्रकाशन , पुणे ने छापा है। 1948 में महान स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी चिंतक, लेखक, शिक्षक साने गुरुजी ने साधना साप्ताहिक का प्रकाशन आरंभ किया था जो अबतक जारी है। साधना मराठी भाषा का अत्यंत प्रतिष्ठित पत्र है जो साधना ट्रस्ट द्वारा संचालित है( श्री विनोद श्रीसाठ इसके संपादक हैं)। साधना प्रकाशन भी उसी का अंग है। एक भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए गुरुजी ने आंतरभारती की स्थापना की थी जिसमें विभिन्न प्रांतों के लोग एक दूसरे की भाषा सीखें और संस्कृतियों से परिचित हों । यह प्रयास आज भी जारी है। यह पुस्तक इसका अद्यतन प्रमाण है जिसे इमरजेंसी के काले दिनों की याद में 25 जून 2019 को प्रकाशित किया गया है। प्रख्यात मराठी कवयित्री उषा मेहता इसकी प्रेरणा रही हैं। साहित्य - सिने समीक्षक व अनुवादक रेखा देशपांडे ने इस कृति का मराठी में अनुवाद किया है।
''बहुत लुट जाने के बाद भी हमारे पास देने को बहुत कुछ बच जाता है..!''(छिनते पल छिन, शिवदयाल )
Friday, 28 June 2019
Subscribe to:
Comments (Atom)
नव-चैतन्य के महावट - रवींद्रनाथ - शिवदयाल ब चपन में ही जिन विभूतियों की छवि ने मन के अंदर अपना स्थाई निवा...
-
कहानी चंदन खुशबू की दुकान ...
-
ड्राप आउट -शिवदयाल मुजफ्फरपुर का एक गाँव . फोटो : सृष्टि सोचा था तुम पर लिखूँगा एक कहानी खू...
