कुएँ की दुनिया
मेढ़क को
यह हक है कि
वह अपने कुएँ को
अपनी दुनिया समझे
उसमें सुखी-संतुष्ट रहे
लेकिन मेढ़क को
इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती
कि वह बाकी दुनिया को भी
अपने कुएँ में
समेटने की जुरअत करे...
----शिवदयाल
मेढ़क को
यह हक है कि
वह अपने कुएँ को
अपनी दुनिया समझे
उसमें सुखी-संतुष्ट रहे
लेकिन मेढ़क को
इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती
कि वह बाकी दुनिया को भी
अपने कुएँ में
समेटने की जुरअत करे...
----शिवदयाल