Thursday, 29 January 2015

विचारधारा

(1 )
हर विचारधारा
आदमी की हार से जन्म  लेती  है
बनती-बढ़ती है
और  ख़त्म होती है

(2 )
विचारधारा अल्पजीवी ही भली
जितनी इसकी  उम्र
उतनी अपनी यातना

(3 )
विचारधारा
नदी की तरह
अपने रास्ते नहीं चलती
हमें अपने रास्ते चलाती है

(4 )
विचार हमें
समृद्ध करते हैं
विचारधारा
बनाती है अकिंचन

(5 )
एक  व्यवस्था से
दूसरी व्यवस्था में
जाने का जरिया है विचारधारा
यानी एक जकड़न से दूसरी...

(6 )
विचारधारा के बंदी हो
हम उसमें
मुक्ति-पथ की तलाश करते हैं
और...कभी मुक्त नहीं हो पाते

(7 )
विचारधारा की हार का मतलब
आदमी की हार समझना बेईमानी है
अक्सर विचारधारा की हार में
आदमी की जीत होती है
                            -शिवदयाल  

  नव-चैतन्य के महावट - रवींद्रनाथ                                 - शिवदयाल  ब चपन में ही जिन विभूतियों की छवि ने मन के अंदर अपना स्थाई निवा...